Tuesday, 15 September 2020

फासीवाद हमारे दरवाज़े पर



उमर खालिद की गिरफ्तारी और सीताराम येचुरी और अपूर्वानंद को दोषी ठहराने की कोशिश का मतलब है कि सरकार आपातकाल की अघोषित स्थिति की ओर बढ़ रही है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित तौर पर देशद्रोह की घोषणा करनेवाले सरकारी भाड़े के एजेंट थे, अन्यथा उन्हें अब तक गिरफ्तार कर लिया गया होता। लेकिन इसके बजाय, सरकार चार साल से कन्हैयाकुमार, उमर खालिद और अन्य छात्र नेताओं को परेशान कर रही है।

एक हाथ में तिरंगा और दूसरे हाथ में संविधान लेकर सरकार के दमनशाही से लड़ना होगा, उमर खालिद के इस आवाहन को देशद्रोही ठहराकर उमर खालिद को सरकारी एजेंसियों द्वारा दंगा भड़काने के झूठे आरोपों में गिरफ़्तार किया गया है, जैसे कि भीमा कोरेगाँव मामले में आनंद तेलतुंबडे और उनके सहयोगियों को किया गया था. लेकिन जिन्होंने खुलेआम दंगे भड़काया, जिन्होंने गोली मारो सालों की घोषणा की, जिन्होंने बलात्कार करनेवाली भाषा का इस्तेमाल किया,  इन अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और परवेश वर्मा को भारत सरकार ने हाथ तक नहीं लगाया, क्योंकि वे भाजपा के हैं। गाँधीजी के फोटो को गोली मारनेवाली महिला को वो सर पे उठाते हैं, गोडसे को देशभक्त कहनेवाली महिला को सांसद बनाते है, लेकिन गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए हमें लड़ना होगा, ये आग्रह करने वाले उमर खालिद को दंगा भडकाने वाला कहा जाता है. 

उमर खालिद एक बहुत ही अध्ययनशील, विद्वान और प्रतिभाशाली युवा कार्यकर्ता है। उसकी जड़ें हमारी अमरावती से हैं। विचारों से वह भगत सिंह की तरह मार्क्सवादी है। लेकिन स्वभाव से गांधीवादी मौलाना आज़ाद की राह पर चलनेवाला है।

उमर खालिद के बाद अब शायद सीताराम येचुरी और अपूर्वानंद का नंबर लगे। हो सकता है कल हमारे आपके दरवाजे पर भी जांच अधिकारी दस्तक दें।

बंधुआ मजदूरों की मुक्ति के लिए जीवनभर लड़ते रहने वाले आर्य समाजी स्वामी अग्निवेश के निधन पर टिप्पणी करते हुए सीबीआई के पूर्व प्रमुख एम. नागेश्वर राव ने कहा कि "यमराज ने बहुत देरी कर दी।"

इतने गंदे, विकृत और द्वेषपूर्ण तरीके से प्रतिक्रिया देनेवाले सरकारी दमन प्रणाली का नेतृत्व करेंगे, तो यह कैसे कहा जा सकता है कि भारत में फासीवाद अभी भी दूर है।

क्या हम तब तक फासीवाद के अपने दरवाजे तक पहुंचने का इंतजार करेंगे?

उमर के खिलाफ पहला आरोप अमरावती में एक भाषण के संबंध में था। आप सुनें कि आप का उमर क्या बोल रहा है? और गोडसेवादी उसे जेल भेज देते हैं। 
Tap to watch - https://youtu.be/9tpM9-llpOk


मुंबई में छात्र भारती और समान विचारधारा के विद्यार्थी संगठन की ओर से आयोजित छात्र सम्मेलन में उमर खालिद के दिए गए भाषण को ज़रूर सुनें।

आप लाठी चलाईये हम तिरंगा उठायेंगे 
- उमर खलिद
Tap to watch - https://youtu.be/5G1xx6-Bwts


- कपिल पाटील
(महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य, अध्यक्ष लोक भारती तथा कार्यकारी विश्वस्त राष्ट्र सेवा दल)


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